दिल्ली हाईकोर्ट में एक नामांकन पत्र के माध्यम से 'साहित्य-814: द कंधार हाईजैक' पर प्रतिबंध की मांग की गई है। फाइल में अपार्टमेन्ट की असल पहचान के बारे में फर्जीवाड़े को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया गया है। दस्तावेज़ में आरोप है कि इसमें वास्तविक अपहर्ताओं के हिंदू नाम शामिल हैं, जिनमें भगवान शिव के अन्य नाम 'भोला' और 'शंकर' शामिल हैं। याचिका में कहा गया है कि इस तरह हिंदू समुदाय के नारे लगाए गए हैं।
हिंदू सेना के अध्यक्ष सुरजीत सिंह यादव की ओर से इस नामांकन पत्र में केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को मंजूरी देने और श्रृंखला के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया है। फाइल में कहा गया है कि अपहर्ताओं की वास्तविक पहचान के बारे में महत्वपूर्ण आरोप को तोड़-मरोड़ कर पेश करने से ना केवल ऐतिहासिक घटनाओं का गलत चित्रण होता है, वरन् गलत सूचना भी दी गई है।
याचिका में कहा गया है कि लोगों में तोड़फोड़-मरोड़ कर पेश करने के महत्वपूर्ण पहलू को बताया गया है। इस प्रकार के विनाश से हानि के लिए अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
वहीं पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने वेबसीरिज 'सांख्यिकी-814: द कंधार हाईजैक' में अपार्टमेंट के चित्रण को लेकर बहस के बीच बहस के प्रमुखों को तलब किया है। आधिकारिक आधिकारिक ने बताया कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने जापानी भारत के प्रमुखों को मंगलवार को बुलाया है।
इस वेब सीरीज में कंपनी इंडिया के प्रमुखों पर कथित संदिग्ध संदिग्धों की संलिप्तता बताई गई है। एक अन्य सूत्र में यह भी बताया गया है कि केंद्र सरकार का कहना है कि किसी भी राष्ट्र की भावनाओं को आहत करने का अधिकार नहीं है। अनुभव सिन्हा द्वारा निर्देशित यह सीरीज 29 अगस्त को लाजवाब पर रिलीज हुई थी।

