जहां दूसरे स्टार किड्स फिल्मों में डेब्यू करने से पहले ही लाइमलाइट में आ जाते हैं और अकसर ट्रोल्स के निशाने पर भी रहते हैं, वहीं बाबिल खान ने खुद को इससे बचा लिया है। बाबिल खान की श्रेयसी पिता इरफान को देते हैं। ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को दिए गए इंटरव्यू में बाबिल खान ने कहा कि ‘बाबा’ रेटिंग की रेटिंग और लोगों के साथ कनेक्शन के कारण ऐसा पाया गया है।
भले ही बार-बार, पर उम्मीदें और फायदे भी हों
लेकिन बाबिल खान को जहां पिता की अभिनय विरासत मिली है, वहीं वह खुद के आश्रितों के पिता की विरासत का भार भी महसूस कर रहे हैं। वह बहुत कुछ कह रहे हैं और रिजेक्ट भी हो रहे हैं। इस मामले में बाबिल के पिता के नाम का लाभ नहीं मिला। बाबिल ने कहा, ‘बाबा का सारा काम लोगों के साथ संबंध के बारे में था। वे न तो अफसरों की परवाह करते हैं और न ही इस बात की कि फिल्म को कौन प्रदर्शित या डायरेक्ट कर रहा है। वह बस इतना जानता था कि उनकी भूमिकाएँ निभाना और वह आम लोगों की ज़िंदगी से प्रेरित ज़िम्मेदारियाँ थीं। वही चीज मुझमें भी आ गई है।
‘मां कभी टेलीफोन नहीं कहेगी कि कराओ’
बाबिल खान ने कहा, ‘काम पाने के लिए पिता के नाम का इस्तेमाल करना मेरे सिद्धांतों के खिलाफ है।’ मुझे नहीं लगता कि मेरी मां कभी एक फोन करके मेरे लिए फेवर मांगेंगी। मुझे नोटिस देने ही पड़ेंगे, नहीं तो ऐसा मारक घर पे। यही हमारे संस्कार हैं। इन्हें तोड़ना संभव नहीं है। मैं अभी भी नोटिस दे रहा हूं और बहुत बार रिजेक्ट भी हो जाता हूं। अगर आज भी कोई नोटिस होता है, जिसमें मैं पास होना चाहता हूं और नहीं हो पाता हूं तो वह बहुत क्रोधित हो जाते हैं। लेकिन वह कभी भी इससे जुड़ा हुआ नहीं है कि इसे करें। यह हमारे संस्कार के खिलाफ है। मुझे लगता है कि लोग भी इस बात को समझते हैं।’
2 दिसंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी ‘कला’
बाबिल खान की पहली फिल्म ‘कला’ 2 दिसंबर को डायरेक्ट पर रिलीज होगी। इसके बाद वह वेब सीरीज ‘द रेलवे मैन’ में नजर आता है। इसमें आर माधवन, के मेनन और दिव्येंदु हैं।

