Tuesday, December 9, 2025
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उद्योग में रची जैन वाली साजिशों का स्टॉक करने में सफल हुए करण जौहर? शोटाइम का रिव्यू पढ़ें


वेब सीरीज: शोटाइम

कलाकार: इमरान हाशमी, महिमा मकवाना, मौनी रॉय, राजीव खंडेलवाल, श्रिया सरन, विशाल कौशिक, विजय राज, नसीरुद्दीन शाह

निर्देशित: अर्चित कुमार

फ़्रांसीसी: डिज़्नी एडवाइज हॉटस्टार

ओटीटी वेब सीरीज: पॉटिज्म पर बनी वेब सीरीज ‘शोटाइम’ प्लेटफॉर्म प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रही है। दिलचस्प है तो ये है कि ने पॉटिज्म को बढ़ावा देने के लिए ट्रोल बात वाले करण जौहर ने ही बनाई है ये वेब सीरीज। जी हां, उनके प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले यह वेब सीरीज तैयार हो गई है। करण ने इस वेब सीरीज में सिर्फ नेपोटिज्म को ही नहीं बल्कि स्टार्स की लाइफस्टाइल, बॉक्स ऑफिस नंबर और आसमान के पीछे होने वाली सीन पॉलिटिक्स को भी शामिल करने की कोशिश की है। अब सवाल यह है कि क्या वह बॉलीवुड में खेलने वाले इस कोलोराडो गेम को सही ढंग से पेश करने में सक्षम हो पाए हैं? पढ़ें हमारा रिव्यू।

कुछ ऐसी है वेब सीरीज की कहानी

फिल्म सम्राट विक्टर खन्ना (नसीरुद्दीन शाह), जिसमें “गॉडफादर ऑफ रोमांस” कहा जाता है, अपने घमंडी बेटे रघु खन्ना (इमरान हाशमी) से परेशान रहते हैं। विक्टर जहां खन्ना की फिल्मों की कहानी पर जोर दिया गया था, वहीं रघु स्टोरी का दूसरा बॉक्स ऑफिस पर जोर दिया गया है। ऐसे में अपने प्रोडक्शन हाउस की छवि के लिए विक्टर विक्टर, युवा पत्रकार माहिका नंदी (महिमा मकवाना) का नाम अपने प्रोडक्शन हाउस की छवि बताती है। महिका विक्टर स्टूडियो की भाग-दौड़ का समर्थन है और रघु अपना खुदका स्टूडियो शुरू करता है। इसके बाद की कहानी में नए-नए पेंटर-जाटे और बेहद खूबसूरत दिखने वाली वाली इस दुनिया का असली कारनामा सामने आने लगी हैं।

कमाल के डायलॉग

‘2 घंटे की फिल्म देखें और खिसकाओ’, ‘फिल्मों के लिए ही फिल्में देखें या मेरे चेहरे’, ‘थिएटर में मेरे प्रिय अतिथि फिल्म की कहानी देखें या मेरे चेहरे’…वेब सीरीज में ऐसे ही कई मजेदार सारे कलाकार हैं। ये सिर्फ डायलॉग्स नहीं हैं, ये हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की कड़वी सच्चाई है। इन संवादों के माध्यम से ये चॉकलेट की कोशिश की गई है कि कैसे निर्माता अच्छी कहानी वाली फिल्में बनाते हैं और पैसे वाली फिल्में बनाते हैं। एक सिनेप्रेमी के रूप में हमने पिछली कुछ साझीदार ऐसी कई सारी फिल्मों का वर्णन किया है: प्रोप्रोग्राम कहानी में कोई दम नहीं था, लेकिन बॉक्स ऑफिस के आंकड़े आसमान छू रहे थे इसलिए ये डायलॉग्स हमें सीरीज में शामिल करने का काम करते हैं।

अभिनय में कौन आगे कौन पीछे?

इस वेब सीरीज में फिल्म इंडस्ट्री की साजिशों और राजनेताओं को दिखाने वाली महिमा मकवाना और राजीव खंडेलवाल ने कमाल का काम किया है। दोनों आउटसाइडर्स ने पोटिज्म पर बनी इस वेब सीरीज में अपनी पूरी जान दी है। इमरान हाशमी ने भी ठीक-ठाक काम किया है। हालांकि मौनी रॉय, श्रिया सरन, विक्ट्री राज और नसीरुद्दीन शाह डायमंड कमाल नहीं दिखे। विक्ट्री राज और नसीरुद्दीन शाह उमदा कलाकार हैं, लेकिन इस वेब सीरीज में अपनी छाप छोड़ने में नाकामयाब रहे।

कहानी में दम नहीं है

सामयिक अच्छा है, करण जौहर की अपनी छवि अच्छी है, कलाकार अच्छे हैं और बोल भी अच्छे हैं लेकिन…कहानी अच्छी नहीं है। बॉलीवुड में होने वाली साजिशों का पोस्टर बनाने की कोशिश में लेखक खुद ही गम हो गए। सारे बड़े-बंड कांड को वेब सीरीज में लेने के चक्कर में किसी भी एक कांड को सही तरीके से पेश नहीं किया जा सका।

देखें या नहीं?

फिल्म देखने के लिए पैसा खर्च करने वाले हर एक स्पेशल को ये वेब सीरीज देखनी चाहिए। उन्हें अपना ऐसा मनोरंजन करने के लिए नहीं बल्कि एक फिल्म बनाने के पीछे या यूं कहें कि आपकी जेब से पैसे निकलने के लिए क्या-क्या खेलना है, वो देखने के लिए करना चाहिए।



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